2. शांतिनाथ भगवान चैत्यवंदन (दूसरा पड़ाव)
शत्रुंजय पर्वत के प्रथम गणधर पुण्डरीक स्वामी को समर्पित यह वंदन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि इसी स्थान पर उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया था। यह वंदन गुरु-शिष्य परंपरा और समर्पण का प्रतीक है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
पलिताना के ५ चैत्यवंदन का जैन धर्म में बहुत महत्व है। इस अनुष्ठान को करने से श्रद्धालुओं को अपने जीवन में शांति और सुख प्राप्त होता है। इसके अलावा, यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को जैन धर्म के मूल्यों और आदर्शों के प्रति जागरूक करता है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
पलिताना शत्रुंजय महातीर्थ: 5 प्रमुख चैत्यवंदन palitana 5 chaityavandan in hindi full