हिंदी में इसे अक्सर (Taurat-e-Musa) या बस तौरात कहा जाता है। यह समझना जरूरी है कि तौरात सिर्फ यहूदियों की किताब नहीं, बल्कि इस्लाम में भी इसे चार प्रमुख ईश्वरीय ग्रंथों (कुरान, इंजील, ज़बूर, तौरात) में से एक माना जाता है।
आधुनिक बाइबिल के 'पुराना अहदनामा' (Old Testament) के शुरुआती पाँच खंडों को ही सामूहिक रूप से तौरात कहा जाता है: taurat kitab hindi
यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इस्लामी विद्वानों का मानना है कि आज उपलब्ध तौरात (ओल्ड टेस्टामेंट) वह मूल ईश्वरीय किताब नहीं है जो मूसा पर उतरी थी। बल्कि, इसे एज्रा (Uzair) और अन्य लोगों ने दोबारा लिखा और उसमें परिवर्तन किया। इसे (Torah की विकृति) कहते हैं। taurat kitab hindi
Comparing used in the Hindi Taurat versus other translations. taurat kitab hindi